993 करोड़ की अरक्कोनम-चेंगलपट्टू रेल परियोजना को मंजूरी, चेन्नई रेल नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार

भारतीय रेलवे ने दक्षिण रेलवे की अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 68 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के दोहरीकरण पर 993 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना का उद्देश्य चेन्नई उपनगरीय रेल नेटवर्क में भीड़भाड़ कम करना, यात्री सुविधाओं में सुधार और माल परिवहन को मजबूत करना है।
चेन्नई उपनगरीय रेल नेटवर्क को मिलेगी मजबूती
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह परियोजना चेन्नई के व्यस्त उपनगरीय रेल नेटवर्क पर दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे ट्रेनों की समयपालन क्षमता (Punctuality) बेहतर होगी और परिचालन दक्षता में भी सुधार आएगा।
उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और विश्वसनीय रेल सेवाएं मिल सकेंगी, वहीं सीमेंट, ऑटोमोबाइल, अनाज, लोहा और इस्पात जैसी प्रमुख वस्तुओं की माल ढुलाई को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
बढ़ते यातायात को देखते हुए लिया गया फैसला
यह रेलखंड चेन्नई समुद्र तट, तांबरम, चेंगलपट्टू और अरक्कोनम को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण चेन्नई उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क का हिस्सा है। वर्तमान में इस एकल लाइन पर क्षमता का अत्यधिक उपयोग हो रहा है और भविष्य में यातायात बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त रेल अवसंरचना की जरूरत महसूस की जा रही थी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों के ठहराव समय में कमी, समयपालन में सुधार और उपनगरीय रेल सेवाओं की आवृत्ति में वृद्धि संभव हो सकेगी।
औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा
यह रेलमार्ग महिंद्रा वर्ल्ड सिटी, श्रीपेरंबदूर, ओरगडम और इरुंगट्टुकोट्टई जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को जोड़ता है। खासकर ऑटोमोबाइल, सीमेंट और विनिर्माण उद्योगों के लिए यह रेलखंड बेहद अहम माना जाता है।
इसके अलावा कांचीपुरम के निकट प्रस्तावित परंदूर हवाईअड्डा परियोजना भी इस रेलमार्ग के पास स्थित है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाएगी।
यात्रियों को मिलेगी तेज और सुरक्षित सेवा
रेलवे के मुताबिक, इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा, उपनगरीय और माल ढुलाई संपर्क में सुधार और यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं अधिक विश्वसनीय रेल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।






