आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, खतरनाक कुत्तों को मौत का इंजेक्शन देने की अनुमति

Supreme Court of India ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को सभी लंबित याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा कि रेबीज संक्रमित और बेहद खतरनाक कुत्तों को कानून के तहत इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है, क्योंकि लोगों की जान की सुरक्षा सर्वोपरि है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जो अधिकारी कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।
जस्टिस Vikram Nath, जस्टिस Sandeep Mehta और जस्टिस N. V. Anjaria की बेंच ने सुनवाई के दौरान आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि अकेले श्रीगंगानगर में एक महीने के भीतर 1,084 डॉग बाइट के मामले सामने आए, जबकि तमिलनाडु में साल के पहले चार महीनों में करीब 2 लाख घटनाएं दर्ज की गईं। कई मामलों में छोटे बच्चों को गंभीर चोटें पहुंचीं और चेहरे पर गहरे घाव तक आए।
कोर्ट ने राज्यों को Animal Welfare Board of India के नियमों को सख्ती से लागू करने और मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही हर जिले में कम से कम एक पूरी तरह कार्यरत एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर स्थापित करने को कहा गया। अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में जरूरत के हिसाब से इन केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
अदालत ने एंटी-रेबीज दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा उपाय लागू करने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए National Highways Authority of India को जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि रेबीज से संक्रमित या अत्यधिक खतरनाक कुत्तों के मामलों में यूथेनेशिया (दया मृत्यु) जैसे कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही आदेश लागू करने वाले नगर निगम और सरकारी अधिकारियों को कानूनी सुरक्षा देने की बात कही गई, ताकि सामान्य परिस्थितियों में उनके खिलाफ एफआईआर या कठोर कार्रवाई न हो।






