मिडनाइट नेट्स से IPL स्टार तक: जानिए दिल्ली कैपिटल्स के उभरते ऑलराउंडर माधव तिवारी की संघर्षभरी कहानी

कभी रात के अंधेरे में नेट्स पर घंटों बल्लेबाजी और गेंदबाजी करने वाला एक लड़का, आज Delhi Capitals के लिए मैच जिताने वाला खिलाड़ी बन चुका है। यह कहानी है Madhav Tiwari की, जिनका जुनून और संघर्ष आज क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पिता से किया था बड़ा वादा
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के मऊगंज से ताल्लुक रखने वाले माधव तिवारी ने कुछ साल पहले अपने पिता से वादा किया था कि अगर वह एक-दो साल में मध्य प्रदेश टीम में जगह नहीं बना सके, तो एमबीए की पढ़ाई करेंगे। लेकिन क्रिकेट के प्रति उनके जुनून ने पिता अवधेश तिवारी को बेटे का सपना पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
माधव के पिता के अनुसार, बचपन से ही क्रिकेट के प्रति उनका जुनून अलग था। महज 13 साल की उम्र में वह अपने से दोगुनी उम्र के खिलाड़ियों के साथ खेलते थे और बड़े-बड़े शॉट लगाते थे।
सुबह 5 बजे शुरू होती थी तैयारी
इंदौर में रहने वाले माधव को क्रिकेट प्रशिक्षण के लिए रोजाना करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित अमय खुरासिया क्रिकेट अकादमी जाना पड़ता था। पूर्व भारतीय क्रिकेटर Amay Khurasiya की देखरेख में माधव ने अपने खेल को निखारा।
कोच अमय खुरासिया बताते हैं कि माधव की टाइमिंग, जुनून और मैच जीतने का जज्बा बचपन से ही अलग नजर आता था। शुरुआत में वह सिर्फ बल्लेबाजी करना चाहते थे, लेकिन बाद में तेज गेंदबाजी में भी उनकी खास पहचान बनी।
मिडनाइट नेट्स और क्रिकेट का जुनून
माधव का क्रिकेट के प्रति जुनून इतना ज्यादा था कि वह दिनभर की प्रैक्टिस के बाद भी देर रात दोस्तों को बुलाकर नेट्स में अभ्यास करते थे। कोविड लॉकडाउन के दौरान उन्होंने घर में बॉलिंग मशीन लगाकर प्रैक्टिस जारी रखी। कई बार गेंद मारते हुए घर की दीवारें तक टूट गईं, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ।
IPL में मिला बड़ा मौका
भले ही माधव अभी तक मध्य प्रदेश की सीनियर टीम के लिए नहीं खेल पाए थे, लेकिन मध्य प्रदेश टी20 लीग 2024 में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। मिडिल ऑर्डर में तेज बल्लेबाजी और सीम बॉलिंग की क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 40 लाख रुपये के बेस प्राइस पर अपनी टीम में शामिल कर लिया। IPL 2025 में डेब्यू के बाद 2026 सीजन में पंजाब किंग्स के खिलाफ उन्होंने 2 विकेट लेने के साथ नाबाद 18 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द मैच बने।
बहन की शादी छोड़कर खेलने पहुंचे मैच
माधव का क्रिकेट के प्रति समर्पण इस बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने अपनी बहन की शादी तक छोड़ दी और अहम मैच खेलने अहमदाबाद रवाना हो गए। उनके पिता बताते हैं कि उस दिन भावुक होकर उनकी आंखों में आंसू आ गए थे, लेकिन बेटे का सपना सबसे बड़ा था।
कोच बोले- भारत के लिए खेलेगा माधव
कोच अमय खुरासिया को भरोसा है कि माधव तिवारी भविष्य में भारत के लिए खेलेंगे। उनके अनुसार, माधव 137-138 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्विंग गेंदबाजी कर सकते हैं और लंबे समय तक बल्लेबाजी व गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं।
आज माधव तिवारी की कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि संघर्ष, जुनून और परिवार के भरोसे की मिसाल बन चुकी है। IPL में चमकने के बाद अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें उनके अगले सफर पर टिकी हैं।






