कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भारतीय तीर्थयात्री पहुंचने लगे नेपाल, 4 दिनों में 169 ने कराया पंजीकरण
भारत से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों का नेपाल पहुंचना शुरू हो गया है। पिछले चार दिनों में 169 भारतीय तीर्थयात्रियों ने नेपाल के रास्ते यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है। इसके अलावा 22 अन्य देशों के नागरिक भी इस यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, तीर्थयात्री नेपालगंज से सिमकोट और वहां से हिल्सा तक हवाई मार्ग से पहुंच रहे हैं। हिल्सा को चीन स्थित कैलाश मानसरोवर यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है।
सिमकोट एयरपोर्ट प्रमुख महेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 मई से अब तक कुल 169 भारतीय नागरिक और 22 विदेशी यात्री यहां पहुंच चुके हैं। खराब मौसम के बावजूद शनिवार को समिट एयर की तीन उड़ानों के जरिए 47 तीर्थयात्रियों को सिमकोट पहुंचाया गया। रविवार को मौसम में सुधार के बाद यात्रियों को आगे भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
हालांकि, कुछ विदेशी यात्रियों को आवश्यक परमिट नहीं होने के कारण आगे की यात्रा जारी रखने की अनुमति नहीं मिली और उन्हें वापस भेज दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रा के लिए सभी जरूरी दस्तावेज और अनुमति पत्र अनिवार्य हैं।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में तीर्थयात्रियों की संख्या और बढ़ सकती है। कोविड-19 प्रतिबंधों के बाद हिल्सा मार्ग दोबारा खुलने से लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्ष चीन द्वारा मार्ग खोलने के बाद करीब 6,500 भारतीय तीर्थयात्रियों ने इसी रास्ते से कैलाश मानसरोवर की यात्रा की थी। इस वर्ष 14 मई से यात्रा सीजन की औपचारिक शुरुआत हुई है।
