एफआईएच नेशंस कप की तैयारी तेज, हॉकी इंडिया 11 मई से लगाएगा सीनियर महिला राष्ट्रीय कोचिंग शिविर

Hockey India आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए 11 से 20 मई तक सीनियर महिला राष्ट्रीय कोचिंग शिविर आयोजित करेगा। यह शिविर भारतीय महिला टीम के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद टीम ऑस्ट्रेलिया के एक्सपोजर दौरे पर रवाना होगी और फिर जून में होने वाले एफआईएच नेशंस कप में हिस्सा लेगी।
यह प्रशिक्षण शिविर आगामी FIH Nations Cup की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा, जो 15 से 21 जून तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि विजेता टीम को सीधे 2026–27 एफआईएच हॉकी प्रो लीग में जगह मिलेगी। वहीं प्रो लीग का विजेता सीधे लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेगा।
भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच Sjoerd Marijne ने शिविर को लेकर कहा कि यह ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले एक छोटा लेकिन बेहद अहम कैंप होगा, जिसमें खिलाड़ियों की फिटनेस और खेल के तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीम लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहती है और एक इकाई के रूप में अगले स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है।
इस साल भारतीय महिला हॉकी टीम के सामने कई बड़े टूर्नामेंट हैं। इनमें अगस्त में बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित होने वाला एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप-2026 और सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले 2026 एशियाई खेल शामिल हैं। ऐसे में यह शिविर खिलाड़ियों की फिटनेस, रणनीतिक तालमेल और मैच तैयारी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
हॉकी इंडिया ने इस कैंप के लिए 31 सदस्यीय संभावित टीम को बरकरार रखा है, जो अप्रैल में आयोजित पिछले राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा थी। कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों के बीच तालमेल बढ़ाने, फिटनेस स्तर को और बेहतर करने तथा रणनीतिक खेल को निखारने पर विशेष फोकस करेगा।
31 सदस्यीय टीम में अनुभवी गोलकीपर सविता, बिचू देवी खारीबाम और बंसारी सोलंकी शामिल हैं, जबकि डिफेंस में निक्की प्रधान, ज्योति सिंह और उदिता जैसे खिलाड़ी मौजूद रहेंगे। मिडफील्ड में सलीमा टेटे, सुशीला चनु और मनीषा चौहान से टीम को मजबूती मिलेगी, वहीं फॉरवर्ड लाइन में नवनीत कौर, लालरेमसियामी, मुमताज खान और दीपिका सोरेंग जैसी खिलाड़ियों पर नजर रहेगी।
भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए यह कोचिंग शिविर केवल फिटनेस कैंप नहीं बल्कि आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारी का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है, जहां टीम अपनी कमियों को दूर कर मजबूत प्रदर्शन की दिशा में कदम बढ़ाएगी।






