अमेरिका-ईरान के बीच तेज हुई बैकडोर डिप्लोमेसी, ट्रंप बोले- अब समझौता संभव

अमेरिका और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद कूटनीतिक स्तर पर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है और अब दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना बनती दिख रही है।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान जल्द समझौता करना चाहता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों को सीधे बातचीत के लिए तेहरान भेजना जल्दबाजी होगी। ट्रंप ने कहा कि अगर मौजूदा हालात जारी रहे तो तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जिसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के कारण अमेरिका ने कथित तौर पर अपने “प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन” को रोक दिया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi चीन पहुंचे हैं, जहां उन्होंने Wang Yi समेत वरिष्ठ चीनी अधिकारियों से मुलाकात की। चीन ने ईरान को अपना “भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार” बताते हुए अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना की है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने क्षेत्र में तत्काल संघर्ष विराम और शांति बहाली की अपील की। उन्होंने फारस की खाड़ी के देशों से अपने भविष्य की बागडोर खुद संभालने और आपसी संवाद बढ़ाने का आग्रह किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान के जरिए बैकडोर डिप्लोमेसी भी जारी है। हालांकि ईरान ने अभी तक अमेरिका के ताजा प्रस्ताव पर कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया है।
उधर, ईरान के विदेश मंत्री ने Faisal bin Farhan Al Saud से भी फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा की।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अगले सप्ताह चीन दौरे पर जाने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात Xi Jinping से होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्य पूर्व संकट, ईरान और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा इस शिखर बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेंगे।






