स्वदेशी हथियारों से मजबूत हुई भारत की सैन्य शक्ति, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बना आत्मनिर्भरता का उदाहरण : संजय सेठ

Prayagraj में आयोजित तीन दिवसीय ‘नॉर्थ टेक संगोष्ठी 2026’ के दूसरे दिन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि भारत की सैन्य शक्ति आज स्वदेशी हथियारों और मजबूत रक्षा उत्पादन प्रणाली पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसमें सशस्त्र बलों के साहस के साथ-साथ देश में निर्मित अत्याधुनिक हथियारों और प्रणालियों की अहम भूमिका रही।
संजय सेठ ने कहा कि भारत का रक्षा उद्योग अब तेजी से विस्तार कर रहा है और इसमें Micro, Small and Medium Enterprises तथा स्टार्टअप्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने इन्हें “आधुनिक भारत के विश्वकर्मा” बताते हुए कहा कि ये संस्थान वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा उपकरणों के बढ़ते उत्पादन और निर्यात पर भी जोर दिया और कहा कि यह भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है।
कार्यक्रम में उन्होंने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास का भी उल्लेख किया, जो रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर सेंट्रल कमांड के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेन गुप्ता ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से देश की रणनीतिक और तकनीकी क्षमता में बड़ा सुधार होगा।
‘नॉर्थ टेक संगोष्ठी 2026’ का आयोजन भारतीय सेना के उत्तरी और मध्य कमान तथा भारतीय रक्षा निर्माताओं की सोसायटी द्वारा किया गया है। इस कार्यक्रम में 284 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें ड्रोन, मानव रहित हवाई वाहन, निगरानी प्रणाली और अन्य अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप्स और शिक्षाविदों की बड़ी भागीदारी देखी गई, जो भारत के बढ़ते रक्षा नवाचार को दर्शाता है।






