देश के ऊर्जा क्षेत्र में योगदान दें वैश्विक निवेशक : प्रधानमंत्री

नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक निवेशकों को भारत के ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने निवेशकों से भारत में निर्माण, निवेश, नवाचार और विस्तार करने का आग्रह किया।

📍 भारत बिजली शिखर सम्मेलन 2026
राष्ट्रीय राजधानी के यशोभूमि में आयोजित ‘भारत बिजली शिखर सम्मेलन 2026’ में प्रधानमंत्री का लिखित संदेश केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने पढ़ा।

💬 प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और ऊर्जा क्षेत्र में एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है।
उन्होंने कहा—
“मैं वैश्विक समुदाय को भारत में निर्माण, नवाचार, निवेश और विस्तार के लिए आमंत्रित करता हूं।”

ऊर्जा क्षेत्र में बड़े लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने भारत की उपलब्धियों और लक्ष्यों का जिक्र करते हुए बताया:

  • 50% से अधिक गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल

  • 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य

  • ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ जैसी वैश्विक पहल

🌱 हरित ऊर्जा और रोजगार
भारत:

  • बैटरी निर्माण को बढ़ावा दे रहा है

  • हरित रोजगार सृजन पर काम कर रहा है

  • मजबूत सप्लाई चेन विकसित कर रहा है

⚙️ नई नीतियां और योजनाएं
प्रधानमंत्री ने बताया कि:

  • ‘शांति अधिनियम 2025’ से परमाणु ऊर्जा में नए अवसर

  • पीएम सूर्य घर योजना से विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन को बढ़ावा

📈 निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य
उन्होंने कहा कि वितरण सुधार और दक्षता के कारण ऊर्जा क्षेत्र की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है, जिससे भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन रहा है।

🌍 2047 का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

📅 चार दिवसीय आयोजन
‘भारत बिजली शिखर सम्मेलन 2026’ 19 मार्च से शुरू होकर 22 मार्च तक चलेगा, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

निष्कर्ष
प्रधानमंत्री का यह आह्वान भारत को वैश्विक ऊर्जा हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे निवेश, नवाचार और विकास को नई गति मिलेगी।

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