MP में निगम-मंडलों की लंबित सूची साफ: देर रात नियुक्तियों की बाढ़, नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई

मध्य प्रदेश में लंबे समय से लंबित निगम, मंडल और प्राधिकरणों में देर रात एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियाँ करते हुए कई नेताओं और अधिकारियों को जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं।
इस फैसले के तहत वित्त विकास निगम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग, नागरिक आपूर्ति निगम, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन सहित कई संस्थानों में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की गई है। इससे लंबे समय से रुकी हुई नियुक्तियों की सूची अब लगभग साफ हो गई है।
ग्वालियर, उज्जैन और विंध्य विकास प्राधिकरणों में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। कई नए चेहरों को नेतृत्व की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ अनुभवी नेताओं को पुनः महत्वपूर्ण पदों पर स्थान दिया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह कदम प्रशासनिक कामकाज को गति देने और विभिन्न विकास परियोजनाओं को मजबूत नेतृत्व प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। नई नियुक्तियों के बाद संबंधित विभागों में सक्रियता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।






