नेपाल में बड़ा फैसला: 2200 राजनीतिक नियुक्तियों को हटाने का अध्यादेश राष्ट्रपति के पास

नेपाल की राजनीति में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां सरकार ने एक साथ 2200 राजनीतिक नियुक्तियों को समाप्त करने के लिए अध्यादेश राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के पास भेजा है। इस कदम को बालेन्द्र सरकार के सुधार एजेंडे का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
सरकार द्वारा भेजा गया यह अध्यादेश “सार्वजनिक पदाधिकारियों को पदमुक्त करने संबंधी विशेष व्यवस्था” से जुड़ा है। इसके तहत पिछली सरकारों के कार्यकाल में सरकारी और संवैधानिक संस्थाओं में की गई राजनीतिक नियुक्तियों को एक झटके में रद्द करने की सिफारिश की गई है। यदि राष्ट्रपति इसकी मंजूरी देते हैं, तो देश में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है।
प्रधानमंत्री सचिवालय के अनुसार, इस अध्यादेश का उद्देश्य सार्वजनिक निकायों में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। साथ ही दलीय हस्तक्षेप को खत्म कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना, निर्माण कार्यों में तेजी लाना और सहकारी संस्थाओं के छोटे निवेशकों को राहत देना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सत्तारूढ़ दल के नेता रवि लामिछाने पहले ही राजनीतिक नियुक्ति पाने वाले पदाधिकारियों से इस्तीफा देने की अपील कर चुके हैं। हालांकि, इस अपील का सीमित असर देखने को मिला, जिसके बाद सरकार को अध्यादेश का रास्ता अपनाना पड़ा।
अब सभी की नजरें राष्ट्रपति के फैसले पर टिकी हैं। यदि इस अध्यादेश को मंजूरी मिलती है, तो नेपाल में प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव और राजनीतिक संतुलन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।






