सीएम मोहन यादव आज खरगोन में 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का करेंगे लोकार्पण, इंदौर को मिलेगी हरित ऊर्जा

Mohan Yadav आज खरगोन जिले के जलूद में 60 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। यह अत्याधुनिक परियोजना Indore Municipal Corporation द्वारा स्थापित की गई है।
इस संयंत्र को स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार की सीपीएसयू फेज-2 योजना के अंतर्गत लगभग 271 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। यह परियोजना इंदौर को कार्बन न्यूट्रल शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
लागत और तकनीकी विशेषताएं
परियोजना ग्राम समराज और आशुखेड़ी में लगभग 210.84 एकड़ भूमि पर विकसित की गई है। इसकी कुल लागत 271.16 करोड़ रुपये है। वित्तपोषण के लिए करीब 42 करोड़ रुपये वायबिलिटी गैप फंडिंग और 244 करोड़ रुपये पब्लिक ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से जुटाए गए हैं।
यह सौर संयंत्र अत्याधुनिक डीसीआर तकनीक पर आधारित है, जो उच्च दक्षता के साथ बिजली उत्पादन सुनिश्चित करता है।
ऊर्जा उत्पादन और उपयोग
इस संयंत्र से सालाना लगभग 9.73 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। उत्पादित बिजली का उपयोग जलूद पंपिंग स्टेशन और ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन में किया जाएगा।
मार्च 2026 में संयंत्र की कमीशनिंग के बाद केवल एक महीने में 66 लाख यूनिट उत्पादन से Indore Municipal Corporation को करीब 3.6 करोड़ रुपये की बचत हुई है। भविष्य में हर महीने 3 से 4 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान है।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को लाभ
यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद करेगी। साथ ही, यह इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में हरित विकास और सतत ऊर्जा के नए आयाम स्थापित करेगी।
यह सौर ऊर्जा संयंत्र मध्य प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।






