प्रधानमंत्री मोदी का सिक्किम दौरा समाप्त, आज वाराणसी में 6,350 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम का दौरा मंगलवार को समाप्त हो रहा है। इसके बाद वह शाम को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे, जहां वे 6,350 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
सरकारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सिक्किम में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम और पालजोर स्टेडियम में आयोजित सिक्किम राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समापन समारोह में हिस्सा लिया और विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
शाम करीब पांच बजे प्रधानमंत्री वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे शहर में 1,050 करोड़ रुपये से अधिक की 48 पूर्ण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं, घाटों के पुनर्विकास, पार्कों के सौंदर्यीकरण और खेल सुविधाओं के विकास से जुड़ी परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, वे लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 112 से अधिक परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें अस्पताल, सीवरेज योजनाएं, बाजार परिसर और पर्यटन विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं।
रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए वाराणसी जंक्शन से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना की भी आधारशिला रखी जाएगी। इस परियोजना में गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण शामिल है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—बनारस-पुणे और अयोध्या-मुंबई—को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे धार्मिक और आर्थिक संपर्क मजबूत होगा।
इसके बाद 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों को जोड़ते हुए राज्य में तेज रफ्तार कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज तक यात्रा समय को 10-12 घंटे से घटाकर लगभग 6 घंटे कर देगा। साथ ही इसमें शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन हवाई पट्टी जैसी रणनीतिक सुविधा भी शामिल है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, औद्योगिक निवेश बढ़ाने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही यह परियोजना रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी।






