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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का बड़ा ऐलान: परमाणु शस्त्रागार बढ़ाने और सहयोगी देशों में तैनाती की अनुमति

Emmanuel Macron ने फ्रांस के परमाणु शस्त्रागार में वृद्धि करने और पहली बार परमाणु हथियारों से लैस विमानों को सहयोगी देशों में अस्थायी रूप से तैनात करने की अनुमति देने की घोषणा की है। उन्होंने यह घोषणा फ्रांस के अटलांटिक तट पर स्थित Île Longue सैन्य अड्डे पर अपने संबोधन के दौरान की।

अपने भाषण में मैक्रॉन ने कहा कि फ्रांसीसी परमाणु क्षमता केवल राष्ट्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे यूरोप की सामूहिक सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक ढाल का काम करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (Nuclear Deterrence) को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है।

यूरोप इस समय जटिल सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक ओर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के साथ बढ़ते तनाव को लेकर चिंताएं हैं, वहीं दूसरी ओर रूस द्वारा Ukraine पर जारी हमलों ने क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा दिया है। इन परिस्थितियों में फ्रांस की यह घोषणा यूरोपीय रक्षा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत दे रही है।

ब्रिटेन के 2020 में European Union से बाहर निकलने (ब्रेक्सिट) के बाद फ्रांस ही यूरोपीय संघ का एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न देश है। ऐसे में फ्रांस की यह रणनीतिक पहल न केवल राष्ट्रीय बल्कि यूरोपीय स्तर पर भी सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

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