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भारत–मिस्र रक्षा सहयोग को नई गति, काहिरा में JDC बैठक में उद्योग और सैन्य साझेदारी पर सहमति

भारत और मिस्र के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा देते हुए दोनों देशों ने रक्षा उद्योग और सैन्य साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई है। यह निर्णय काहिरा में आयोजित 11वीं संयुक्त रक्षा समिति (JDC) बैठक के दौरान लिया गया, जहां दोनों पक्षों ने भविष्य की रणनीति और सहयोग का विस्तृत रोडमैप तैयार किया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद ने किया, जबकि मिस्र की ओर से रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में दोनों देशों ने रक्षा उद्योग में संयुक्त उत्पादन, तकनीकी सहयोग और सैन्य प्रशिक्षण को बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक में भारत ने अपने बढ़ते रक्षा उत्पादन क्षेत्र की जानकारी साझा की, जिसमें बताया गया कि देश का रक्षा उत्पादन 20 बिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है और भारत 100 से अधिक देशों को निर्यात कर रहा है। इस दौरान समुद्री सुरक्षा, संयुक्त अभ्यास और सूचना साझाकरण पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

दोनों देशों ने 2026-27 के लिए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमति जताई, जिसमें सैन्य संपर्क, संयुक्त अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को प्रमुखता दी गई है। साथ ही पहली बार नौसेना स्तर पर स्टाफ वार्ता भी आयोजित की गई, जिसे दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण कदम बताया।

इस बैठक ने भारत और मिस्र के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को और मजबूत किया है और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दोहराया है।

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