होर्मुज में बढ़ा तनाव: ईरान का जहाज पर हमला, ट्रंप के संघर्ष विराम पर जताया अविश्वास

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz में हालात और गंभीर हो गए हैं। ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी के बीच एक और मालवाहक जहाज पर गोलीबारी की, जिससे जहाज का ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला ईरान के तट से करीब 8 नॉटिकल मील दूर किया गया, जहां लगभग 30 मिनट तक फायरिंग की गई। इससे पहले ‘यूफोरिया’ नामक एक अन्य जहाज पर भी ओमान के पास हमला हुआ था। यह जहाज सऊदी अरब के जेद्दा की ओर जा रहा था और पनामा का झंडा लिए हुए था।
ईरान की सरकारी एजेंसियों का दावा है कि जहाज ने समुद्री नियमों का पालन नहीं किया, जिसके चलते कार्रवाई की गई। वहीं, Islamic Revolutionary Guard Corps पर इस हमले को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है।
उधर, Donald Trump ने ईरान के साथ नए संघर्ष विराम की घोषणा की है, लेकिन तेहरान ने इस पर भरोसा करने से इनकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी युद्ध की कार्रवाई के बराबर है और यह किसी भी संघर्ष विराम का उल्लंघन है।
ईरान ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका उसके कब्जे में लिए गए जहाज को वापस नहीं करता, तब तक किसी नई वार्ता की संभावना नहीं है। इस बीच Pakistan दोनों देशों के बीच बातचीत बहाल कराने की कोशिशों में जुटा है।
जहाज का “ब्रिज” क्यों होता है अहम?
जहाज का ब्रिज उसका नियंत्रण केंद्र होता है, जहां से कप्तान पूरे जहाज का संचालन करता है। इसे जहाज का “नर्व सेंटर” कहा जाता है। यहां से दिशा, गति, संचार और नेविगेशन नियंत्रित किए जाते हैं।
ब्रिज में रडार, जीपीएस, ऑटो-पायलट और अन्य आधुनिक उपकरण लगे होते हैं, जो समुद्र में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करते हैं। किसी भी हमले में यदि ब्रिज को नुकसान पहुंचता है, तो जहाज की संचालन क्षमता पर सीधा असर पड़ता है, जिससे बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।
लगातार बढ़ते इन हमलों ने वैश्विक व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।






