चारधाम यात्रा शुरू: प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं, श्रद्धालुओं से किए 5 संकल्प लेने का आग्रह

Narendra Modi ने देवभूमि Uttarakhand में शुरू हुई चारधाम यात्रा 2026 के अवसर पर देशभर के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने यात्रा को भारत की आस्था, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं के नाम एक पत्र जारी करते हुए उनकी सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की। उन्होंने कहा कि Kedarnath Temple, Badrinath Temple, Gangotri Temple और Yamunotri Temple जैसे तीर्थस्थल सदियों से भारत की सनातन परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को मजबूत करते आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुल चुके हैं, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट भी विधि-विधान से खोल दिए गए हैं और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसे ये चारों धाम न केवल धार्मिक स्थल हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता के प्रतीक भी हैं। Adi Shankaracharya जैसे महान संतों के प्रयासों से इन तीर्थों ने देश को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है।
श्रद्धालुओं के लिए 5 संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से पांच संकल्प लेने का आग्रह किया—
- तीर्थस्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना
- पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहना
- सेवा और सहयोग की भावना अपनाना
- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना
- नियमों और अनुशासन का पालन करना
उन्होंने विशेष रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने, नदियों को स्वच्छ रखने और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करने की अपील की।
डिजिटल उपवास का संदेश
प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं को डिजिटल उपवास अपनाने की भी सलाह दी, ताकि वे प्रकृति और आध्यात्मिकता के साथ गहरा जुड़ाव महसूस कर सकें और यात्रा को अधिक सार्थक बना सकें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य विकसित भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यहां पर्यटन व बुनियादी ढांचे में तेजी से विकास हो रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन संकल्पों के साथ की गई चारधाम यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव बनेगी, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता को भी और मजबूत करेगी।






