सिविल सेवा दिवस पर शीर्ष नेताओं ने दी बधाई, सिविल सेवकों को बताया राष्ट्र निर्माण की रीढ़

नई दिल्ली में सिविल सेवा दिवस के अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने सिविल सेवकों को शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान की सराहना की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई प्रमुख नेताओं ने सिविल सेवकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी करते हुए कहा कि सिविल सेवक उत्तरदायी शासन को मजबूत करने और सार्वजनिक संस्थानों को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नीतियों के निर्माण से लेकर उनके प्रभावी क्रियान्वयन तक सिविल सेवकों का कार्य देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी सिविल सेवकों के समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ हैं और सुशासन सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने “विकसित भारत” के लक्ष्य के अनुरूप अंतिम पंक्ति तक सेवाओं की पहुंच पर जोर दिया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सिविल सेवकों को राष्ट्र निर्माण की रीढ़ बताते हुए कहा कि वे सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने दूरदराज क्षेत्रों में भी विकास और प्रशासन को मजबूत बनाने में उनके योगदान को अहम बताया।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और ईमानदार सेवा के माध्यम से सिविल सेवक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहीं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सिविल सेवकों की निष्ठा और समर्पण को देश की प्रगति का आधार बताया।
इस अवसर पर नेताओं ने उम्मीद जताई कि सिविल सेवक आगे भी ईमानदारी, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ देश के विकास में योगदान देते रहेंगे।






