ओंकारेश्वर में ‘एकात्म पर्व’ का आगाज, CM मोहन यादव करेंगे शुभारंभ

Omkareshwar में भारतीय संस्कृति और अद्वैत वेदांत की विरासत को समर्पित पांच दिवसीय ‘एकात्म पर्व’ का भव्य शुभारंभ 17 अप्रैल से होने जा रहा है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री Mohan Yadav करेंगे, मांधाता पर्वत स्थित ‘एकात्म धाम’ में आयोजित यह महोत्सव आध्यात्मिक चेतना, दार्शनिक विमर्श और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम बनेगा, जहां देश-विदेश के संत, मनीषी और विद्वान एक मंच पर जुटकर एकात्मता का वैश्विक संदेश देंगे।
वैशाख शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर शुरू हो रहे इस पर्व में मुख्यमंत्री अद्वैत लोक और अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण करेंगे तथा वैदिक अनुष्ठानों में भी भाग लेंगे, इस दौरान द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, पद्मश्री निवेदिता भिड़े और स्वामी शारदानंद सरस्वती सहित कई प्रमुख संतों की गरिमामय उपस्थिति रहेगी, जिससे आयोजन का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाएगा।
पर्व के अंतर्गत आयोजित ‘अद्वैतामृतम्-विमर्श सभा’ में अद्वैत दर्शन की समकालीन प्रासंगिकता पर गहन चर्चा होगी, खासतौर पर ‘अद्वैत एवं जेन-जेड’ जैसे विषयों के माध्यम से नई पीढ़ी को इस दर्शन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरण संरक्षण, वैश्विक शांति और ‘एक ओंकार’ जैसे विषयों के साथ अद्वैत के संबंधों पर भी विद्वानों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला ‘रसो वै सः’ के तहत प्रतिदिन देश के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिसमें पहले दिन जयतीर्थ मेवुंडी का शास्त्रीय गायन और शुभदा वराडकर की ओड़िसी नृत्य प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण रहेगी, इसके अलावा आगामी दिनों में भरतनाट्यम, कर्नाटक संगीत और निर्गुण वाणी के माध्यम से अद्वैत दर्शन की अनुभूति कराई जाएगी।
इस महोत्सव का एक खास आकर्षण 21 अप्रैल को होने वाला दीक्षा समारोह होगा, जिसमें 700 से अधिक युवा ‘शंकरदूत’ के रूप में संकल्प लेंगे, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विकसित ‘एकात्म धाम’ में स्थापित 108 फीट ऊंची ‘एकात्मता की मूर्ति’ और निर्माणाधीन ‘अद्वैत लोक’ संग्रहालय इस आयोजन को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, यह पर्व न केवल सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है, बल्कि पूरे देश को वैचारिक और आध्यात्मिक रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी माना जा रहा है।





