शेयर बाजार की गिरावट में म्यूचुअल फंड्स की बड़ी खरीदारी, मार्च में 1.13 लाख करोड़ का निवेश

घरेलू शेयर बाजार में मार्च महीने के दौरान आई गिरावट ने जहां आम निवेशकों को परेशान किया, वहीं Mutual Funds के लिए यह अवसर साबित हुआ, म्यूचुअल फंड्स ने इस गिरावट का फायदा उठाते हुए करीब 1.13 लाख करोड़ रुपये के शेयरों की जोरदार खरीदारी कर अपने पोर्टफोलियो और कैपिटल बेस को मजबूत किया।

जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण बाजार में बने दबाव के बीच जहां विदेशी निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की, वहीं घरेलू म्यूचुअल फंड्स लगातार खरीदारी करते रहे, हालांकि इसके बावजूद उनकी कुल एसेट वैल्यू घटकर 46.60 लाख करोड़ रुपये रह गई, जो फरवरी में 51.29 लाख करोड़ रुपये थी, लेकिन बाजार में उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 11.30 प्रतिशत हो गई।

इस दौरान सबसे ज्यादा निवेश फाइनेंशियल सेक्टर में किया गया, जहां म्यूचुअल फंड्स ने करीब 55,414 करोड़ रुपये झोंक दिए, जो कुल निवेश का लगभग 49 प्रतिशत रहा, इसके अलावा कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी, टेलीकॉम और आईटी सेक्टर में भी बड़ी खरीदारी देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिलता है कि फंड हाउस गिरावट को लंबी अवधि के निवेश के मौके के रूप में देख रहे हैं।

मार्च के दौरान बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, Bank Nifty करीब 17 प्रतिशत और Nifty Financial Services Index 15.6 प्रतिशत तक टूट गया, जो मार्च 2020 के बाद एक महीने की सबसे बड़ी गिरावट रही, इस दौरान म्यूचुअल फंड्स ने इन शेयरों में खरीदारी कर बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में भी भूमिका निभाई।

दूसरी ओर Foreign Institutional Investors यानी विदेशी निवेशकों ने मार्च में लगभग 1.26 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए, जिसमें सबसे ज्यादा बिकवाली फाइनेंशियल, ऑटोमोबाइल और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में देखने को मिली, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा।

कुल मिलाकर, मार्च का महीना बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन इस दौरान घरेलू म्यूचुअल फंड्स की आक्रामक खरीदारी ने न सिर्फ उनके निवेश को मजबूत किया, बल्कि बाजार को स्थिर बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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