विकसित भारत के निर्माण के लिए बाबासाहेब के विचार प्रासंगिक: ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने कहा है कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की प्रतिभा, कौशल, नवाचार और समर्पण अहम भूमिका निभाएंगे।

संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में Ambedkar Jayanti के अवसर पर आयोजित ‘नो योर लीडर’ कार्यक्रम में उन्होंने यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से किया गया था।

🇮🇳 युवाओं को दिया संदेश

ओम बिरला ने युवाओं से आह्वान किया कि वे “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि B. R. Ambedkar का जीवन हमें शिक्षा, जागरूकता और संगठित प्रयासों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि आज जब देश विकसित और समावेशी भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब बाबासाहेब के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।

✨ संघर्ष से प्रेरणा

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बाबासाहेब ने अपने अदम्य साहस, परिश्रम और शिक्षा के बल पर न केवल खुद को स्थापित किया, बल्कि करोड़ों वंचितों और शोषितों के लिए आशा की किरण बने।

उन्होंने बताया कि डॉ. अंबेडकर ने अपने जीवन की हर चुनौती को अवसर में बदलते हुए समाज को नई दिशा दी।

⚖️ संविधान के मूल मूल्य

ओम बिरला ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान में समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुता जैसे मूल्यों को समाहित कर भारत को एक सशक्त आधार प्रदान किया। मतदान का अधिकार और समानता जैसे प्रावधानों ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है, जो दुनिया के अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा हैं।

🌸 नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

इस अवसर पर Narendra Modi, Mallikarjun Kharge और उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan समेत कई नेताओं ने संसद भवन परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

ओम बिरला ने कहा कि बाबासाहेब का जीवन और उनके आदर्श सदैव हमें एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त भारत के निर्माण के लिए मार्गदर्शन देते रहेंगे।

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