कटनी स्टेशन पर 167 बच्चों को ट्रेन से उतारा, मानव तस्करी की आशंका में जांच तेज

मध्य प्रदेश के Katni रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई में 167 बच्चों को ट्रेन से उतारकर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। यह कार्रवाई Patna-Pune Express में संदिग्ध परिस्थितियों में बच्चों को ले जाए जाने की सूचना के बाद की गई।
खुफिया सूचना के आधार पर Railway Protection Force (RPF), जीआरपी, महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही घेराबंदी कर सभी बच्चों को अपनी निगरानी में ले लिया।
प्राथमिक जांच में मानव तस्करी की आशंका जताई जा रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों की उम्र 7 से 15 वर्ष के बीच बताई जा रही है। सभी बच्चों को बाल सुरक्षा गृह में रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है।
आरपीएफ थाना प्रभारी Virendra Singh ने बताया कि बच्चों को ट्रेन के अलग-अलग कोचों से उतारा गया। पूछताछ में सामने आया है कि अधिकांश बच्चे बिहार के रहने वाले हैं।
बच्चों के साथ मौजूद Saddam नामक व्यक्ति ने दावा किया कि वह इन बच्चों को बिहार के अररिया से महाराष्ट्र के लातूर स्थित मदरसे में पढ़ाई के लिए ले जा रहा था। हालांकि प्रशासन उसके दावों और दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, 80 बच्चों को Jabalpur के बाल गृह में और शेष बच्चों को कटनी में ही रखा गया है। जब तक अभिभावकों से संपर्क और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा नहीं हो जाता, तब तक सभी बच्चों को प्रशासन की निगरानी में रखा जाएगा।
बाल सुरक्षा अधिकारी Manish Tiwari ने बताया कि बच्चों से पूछताछ और काउंसलिंग जारी है। मामले के हर पहलू—खासतौर पर मानव तस्करी की आशंका—को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






