पश्चिम एशिया के हालात पर भारत सतर्क, हर स्थिति से निपटने को तैयार: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी ऊर्जा या सुरक्षा संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित ‘सैनिक सम्मान सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देश को एकजुट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर घबराहट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सरकार पूरी तरह सक्षम है।
भारतीय हितों की रक्षा पर जोर
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कूटनीतिक प्रयासों के जरिए भारतीय हितों की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि संकट के समय भी वह राजनीति कर रहा है, जबकि यह समय एकजुटता का है।
जहाज निर्माण में भारत की बढ़ती ताकत
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आज जहाज निर्माण के क्षेत्र में किसी भी बड़ी वैश्विक शक्ति से कम नहीं है। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यहां देश का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर तैयार हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारत पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के संयोजन से अपनी समुद्री ताकत को और मजबूत कर रहा है, ताकि 2047 तक भारतीय नौसेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में शामिल हो सके।
सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए प्रतिबद्धता
राजनाथ सिंह ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश के मजबूत स्तंभ हैं। सरकार ने उनके कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा।
उन्होंने वन रैंक वन पेंशन (OROP) का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित इस मांग को वर्तमान सरकार ने लागू किया, जिससे पूर्व सैनिकों को आर्थिक स्थिरता और भरोसा मिला।
रक्षा मंत्री ने अंत में कहा कि देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।






