नरेन्द्र मोदी ने साणंद में केयन्स सेमीकॉन प्लांट का किया उद्घाटन, ‘मेक इन इंडिया’ को नई ताकत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के साणंद जीआईडीसी में केयन्स सेमीकॉन के अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” के विजन को साकार करने वाला ऐतिहासिक क्षण है और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस प्लांट के साथ ही कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत हो गई है, जो भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

उन्होंने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल औद्योगिक नीति नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास और तकनीकी क्षमता का प्रतीक है। इसके तहत देश के छह राज्यों में करीब 1.60 लाख करोड़ रुपये के 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 28 फरवरी को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के प्लांट में उत्पादन शुरू हुआ था और अब केयन्स सेमीकॉन प्लांट भी उत्पादन चरण में पहुंच गया है, जो भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का संकेत है।

उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में उभर रहा है और आने वाले समय में भारतीय कंपनियां वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका निभाएंगी।

इस प्लांट में एडवांस्ड इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स (IPMs) का निर्माण किया जाएगा, जो ऑटोमोबाइल और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अहम कंपोनेंट हैं। पूर्ण क्षमता पर यह प्लांट प्रतिदिन 6.33 मिलियन यूनिट उत्पादन कर सकेगा।

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का सेमीकंडक्टर बाजार वर्तमान में करीब 50 अरब डॉलर का है, जो इस दशक के अंत तक 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

उन्होंने नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन का भी उल्लेख किया और कहा कि इसके तहत खनिज संसाधनों की उपलब्धता और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि “सेमीकंडक्टर मिशन 2.0” के तहत अब उपकरण और मटेरियल्स के घरेलू उत्पादन पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि देश में पूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित हो सके।

उन्होंने विश्वास जताया कि भारत न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर तकनीकी क्षेत्र में नेतृत्व की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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