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साप्ताहिक समीक्षा: भारी उतार-चढ़ाव के बीच मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में पिछले सप्ताह जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि सप्ताह के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।

सप्ताह के पांच कारोबारी दिनों में से चार दिन बाजार में खरीदारी का माहौल रहा, जबकि एक दिन की भारी बिकवाली ने पूरे सप्ताह के रुख को प्रभावित कर दिया।

सोमवार से बुधवार तक बाजार में जोरदार तेजी रही। इस दौरान सेंसेक्स 2,140 अंक से अधिक उछला, जबकि निफ्टी में भी 626 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि गुरुवार को भारी बिकवाली के चलते सेंसेक्स 2,496 अंक से अधिक टूट गया और निफ्टी में भी 775 अंकों की बड़ी गिरावट आई।

सप्ताह के आखिरी दिन बाजार में फिर तेजी लौटी, लेकिन मुनाफावसूली के चलते बढ़त सीमित रही। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 30.96 अंक (0.04%) गिरकर 74,532.96 पर और निफ्टी 36.60 अंक (0.15%) टूटकर 23,114.50 पर बंद हुआ।

लार्जकैप शेयरों में मिश्रित रुख देखने को मिला। भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, आईडीबीआई बैंक और हिंदुस्तान जिंक जैसे शेयरों में गिरावट रही, जबकि टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और टीवीएस मोटर जैसे शेयरों में मजबूती दर्ज की गई।

मिडकैप इंडेक्स मामूली कमजोरी के साथ बंद हुआ, जबकि कुछ शेयरों में 7 से 12 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। दूसरी ओर, स्मॉलकैप इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसमें कई शेयरों ने 20 प्रतिशत तक की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की।

सेक्टोरल प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी, फार्मा, हेल्थकेयर, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में गिरावट दर्ज की गई, जबकि पीएसयू बैंक, ऑटो, मेटल और आईटी सेक्टर में बढ़त देखने को मिली।

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार पांचवें सप्ताह भी शुद्ध बिकवाल बने रहे और उन्होंने कुल 29,897 करोड़ रुपये की बिकवाली की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 30,641 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।

इस दौरान भारतीय मुद्रा पर भी दबाव बना रहा। डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 93.70 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ, जिससे बाजार की अस्थिरता और बढ़ गई।

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