गुरुग्राम स्कूल बम अफवाह केस: बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, 300 फर्जी ईमेल आईडी का खुलासा

गुरुग्राम के स्कूलों में बम होने की झूठी सूचना फैलाने के मामले में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

आरोपी ने कबूला जुर्म

पुलिस पूछताछ में आरोपी सौरभ विश्वास उर्फ माइकल (30 वर्ष) ने स्वीकार किया कि उसने स्कूलों में डर का माहौल बनाने के लिए बम की अफवाह वाली ईमेल भेजी थी।

जांच में सामने आया कि वह करीब 9 साल पहले अवैध रूप से बांग्लादेश से भारत आया था और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रह रहा था।

300 फर्जी ईमेल आईडी का खुलासा

पुलिस के मुताबिक, आरोपी डिजिटल मार्केटिंग और ग्राफिक्स का काम करता था। उसने एक व्यक्ति मामुनूर राशिद के कहने पर करीब 300 जीमेल आईडी उपलब्ध करवाई थीं, जिसके बदले उसे 250 USDT (क्रिप्टोकरेंसी) मिले थे।

इन्हीं ईमेल आईडी में से एक का इस्तेमाल गुरुग्राम के स्कूलों को धमकी भरे मेल भेजने के लिए किया गया।

28 जनवरी की घटना

28 जनवरी 2026 को गुरुग्राम के कई स्कूलों को बम की सूचना मिली थी, जिसके बाद:

  • हरियाणा पुलिस

  • बम निरोधक दस्ता

  • डॉग स्क्वॉड

  • फायर ब्रिगेड

ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कहीं भी विस्फोटक नहीं मिला।

गुजरात से हुई गिरफ्तारी

इस मामले में साइबर थाना दक्षिण, गुरुग्राम में केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया।

जांच जारी

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन लोग शामिल थे और क्या यह कोई बड़ा साइबर नेटवर्क था।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि फर्जी डिजिटल गतिविधियां और साइबर अपराध समाज में डर और अफवाह फैलाने का बड़ा जरिया बन रहे हैं, जिससे निपटने के लिए सख्त निगरानी जरूरी है।

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