हवाई यात्रा हुई आसान: 60% सीटें बिना शुल्क, परिवार साथ बैठेगा—सरकार के नए दिशा-निर्देश जारी

हवाई यात्रा (Air Travel India) को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अब एयरलाइंस को हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क (Free Seat Selection) उपलब्ध करानी होंगी।
✈️ 60% सीटें अब बिना अतिरिक्त शुल्क
नए निर्देशों के अनुसार, यात्रियों से सीट चयन के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलने पर अब लगाम लगेगी। DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने सभी विमानन कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि हर उड़ान में 60 फीसदी सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध हों।
इस कदम का उद्देश्य सभी यात्रियों को समान अवसर (Equal Access) प्रदान करना और एयरलाइंस की सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है।
👨👩👧 परिवार और समूह के लिए बड़ी राहत
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि एक ही PNR (Passenger Name Record) पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ बैठाने की व्यवस्था की जाए। कोशिश होगी कि परिवार या समूह के सदस्य पास-पास की सीटों पर बैठ सकें।
इस फैसले से खासकर परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
🎸 पालतू जानवर और सामान के लिए भी स्पष्ट नियम
नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बताया कि नए दिशा-निर्देशों में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
खेल उपकरण (Sports Equipment)
संगीत वाद्ययंत्र (Musical Instruments)
पालतू जानवरों (Pets) के परिवहन के लिए स्पष्ट नियम
इन सभी सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
⏱️ देरी और टिकट रद्द होने पर भी सख्ती
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि फ्लाइट में देरी (Delay) या टिकट रद्द (Cancellation) की स्थिति में यात्रियों के अधिकारों को और मजबूत किया जाएगा।
📱 हर प्लेटफॉर्म पर दिखेंगे यात्री अधिकार
मंत्रालय ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि:
वेबसाइट
मोबाइल ऐप
बुकिंग प्लेटफॉर्म
एयरपोर्ट काउंटर
पर यात्रियों के अधिकारों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही, इन जानकारियों को क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
📊 पारदर्शिता और बेहतर अनुभव पर जोर
सरकार का कहना है कि इन नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना, शिकायतों को कम करना और विमानन क्षेत्र में सुरक्षा व पारदर्शिता (Transparency & Safety) के उच्च मानकों को बनाए रखना है।






