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भोपाल में दिव्यांग बच्चों के पारिवारिक पुनर्वास पर मंथन आज, मंत्री निर्मला भूरिया करेंगी मध्य क्षेत्रीय कार्यशाला की अध्यक्षता

Bhopal में आज दिव्यांग बच्चों के पारिवारिक पुनर्वास और दत्तक-ग्रहण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण मध्य क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला की अध्यक्षता Nirmala Bhuria करेंगी।

यह कार्यशाला Central Adoption Resource Authority द्वारा Ministry of Women and Child Development के तहत मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से आयोजित की जा रही है।

दिव्यांग बच्चों के पारिवारिक पुनर्वास पर फोकस

यह पहल दत्तक ग्रहण जागरूकता अभियान 2025-26 की थीम विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) के गैर-संस्थागत पुनर्वास को बढ़ावा देना” के अनुरूप आयोजित की जा रही है।

कार्यशाला का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय परिवार आधारित वातावरण, स्नेह, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

चार राज्यों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

मध्य क्षेत्र में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड शामिल हैं। जिलों की संख्या के आधार पर यह क्षेत्र देश का सबसे बड़ा क्षेत्र माना जाता है।

इस कार्यशाला में 170 से अधिक जिलों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है।

विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी

कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण संस्थाओं और विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें

  • राज्य दत्तक संसाधन एजेंसियां (SARA)

  • विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण

  • बाल देखभाल संस्थान

  • जिला बाल संरक्षण इकाइयां

  • मुख्य चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य विशेषज्ञ

  • बाल संरक्षण से जुड़े अन्य हितधारक शामिल हैं।

नीति और व्यवहारिक चुनौतियों पर चर्चा

कार्यशाला में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक ग्रहण की राज्यवार स्थिति, उत्कृष्ट प्रथाओं और सफल दत्तक ग्रहण के प्रेरणादायक अनुभवों पर चर्चा होगी।

इसके साथ ही चिकित्सा, कानूनी, वित्तीय और शिकायत निवारण से जुड़ी चुनौतियों पर भी विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे और समूह चर्चा के माध्यम से समयबद्ध और क्रियान्वयन योग्य सुझाव तैयार किए जाएंगे।

लघु फिल्म भी होगी लॉन्च

इस अवसर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सफल दत्तक ग्रहण पर आधारित एक लघु फिल्म भी लॉन्च की जाएगी, जो परिवार आधारित देखभाल की सकारात्मक और परिवर्तनकारी शक्ति को दर्शाएगी।

इस परामर्श कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, प्रणालीगत कमियों की पहचान करना और नीति स्तर पर ठोस सुझाव तैयार करना है, ताकि दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण और पुनर्वास को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाया जा सके।

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