गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को पूर्ण क्षमता से संचालित करने की मांग, व्यापारियों ने सरकार से की अपील

नेपाल के Bhairahawa, Butwal और Lumbini क्षेत्र के व्यापारियों और उद्योगपतियों ने Gautam Buddha International Airport को तत्काल पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने की मांग उठाई है।

व्यापारियों का कहना है कि हवाईअड्डे का निर्माण पूरा हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इसे पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं किया जा सका है।

पर्यटन निवेश पर मंडरा रहा खतरा

पर्यटन क्षेत्र में करीब 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं। पर्यटन व्यवसायी अमित गुप्ता ने कहा कि इस स्थिति के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि लुम्बिनी, देवदह, रामग्राम, तिलौराकोट और रोहिणी नदी के आसपास के क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक और बौद्ध सभ्यता से जुड़े महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं। इन क्षेत्रों के विकास में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की बड़ी भूमिका मानी जा रही थी।

उद्योग और व्यापार को मिल सकता है बढ़ावा

सिद्धार्थ उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष नेत्र प्रसाद आचार्य ने कहा कि नई सरकार से उम्मीद है कि वह पर्यटन प्रवर्द्धन और हवाईअड्डे के संचालन में निजी क्षेत्र को प्रभावी भूमिका देगी।

उन्होंने कहा कि यदि यह हवाईअड्डा पूरी तरह से संचालित होता है तो इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी बड़ा बदलाव आएगा।

निर्यात और व्यापार को मिलेगा फायदा

नेपाल भन्सार एजेंट संघ भैरहवा के अध्यक्ष मधु प्रसाद पन्थी ने कहा कि रूपन्देही नेपाल का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। यहां उत्पादित वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए बेहतर आधारभूत ढांचे की जरूरत है।

उनके अनुसार यदि हवाईअड्डे का संचालन और सीमा नाकों का प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जाए तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों का मानना है कि स्थिर सरकार बनने के बाद निवेश-अनुकूल वातावरण, पर्यटन विकास और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उनका विश्वास है कि गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के नियमित संचालन से लुम्बिनी क्षेत्र के पर्यटन और रूपन्देही के उद्योग-व्यापार को नई गति मिलेगी।

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