चंदेरी में आज से तीन दिवसीय ‘बैजू बावरा समारोह’ शुरू, मुख्य अतिथि होंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की ऐतिहासिक नगरी चंदेरी में महान संगीतज्ञ बैजू बावरा की स्मृति में रविवार से तीन दिवसीय ‘बैजू बावरा समारोह’ का आयोजन शुरू हो रहा है।
समारोह का उद्घाटन रविवार शाम 5 बजे केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
17 मार्च तक चलेगा सांस्कृतिक उत्सव
मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग, Ustad Alauddin Khan Sangeet Evam Kala Academy और जिला प्रशासन के सहयोग से चंदेरी के मेला ग्राउंड में आयोजित यह समारोह 17 मार्च तक चलेगा।
इस दौरान दर्शकों को शास्त्रीय संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति की विविध प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
रूपंकर कला पुरस्कार से होगा सम्मान
समारोह के पहले दिन मध्य प्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसमें—
2 पुरस्कार मूर्तिकला
8 पुरस्कार चित्रकला
के क्षेत्र में दिए जाएंगे।
इनमें दत्तात्रय दामोदर देवलालीकर पुरस्कार, रघुनाथ कृष्णराव फड़के पुरस्कार, नारायण श्रीधर बेन्द्रे पुरस्कार, मुकुन्द सखाराम भाण्ड पुरस्कार, देवकृष्ण जटाशंकर जोशी पुरस्कार, जगदीश स्वामीनाथन पुरस्कार, सैय्यद हैदर रजा पुरस्कार, लक्ष्मीसिंह राजपूत पुरस्कार, राममनोहर सिन्हा पुरस्कार और विष्णु चिंचालकर पुरस्कार शामिल हैं।
इसके साथ ही 80 चयनित कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
पहले दिन अनूप जलोटा की प्रस्तुति
पहले दिन अलंकरण समारोह के बाद—
दीपिका पुरोहित (भोपाल) का बुंदेली भजन गायन
Anup Jalota द्वारा सूफी और भजन प्रस्तुति
का आयोजन होगा।
दूसरे और तीसरे दिन भी होंगी विशेष प्रस्तुतियां
16 मार्च (दूसरा दिन)
अफजल हुसैन – ध्रुपद गायन
डॉ. निखिल बड़ोदिया – सितार वादन
संघमित्रा तायवाड़े – कथक समूह नृत्य
बलवंत पुराणिक – कांच वाद्य वादन
17 मार्च (अंतिम दिन)
उल्हास तैलंग – गायन
फारुख लतीफ खान – सारंगी वादन
शिप्रा सुल्लेरे – शास्त्रीय गायन
आरती श्रीवास्तव – कथक समूह नृत्य
शिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का उत्सव
समारोह में ‘हुनर’ कार्यशाला एवं विक्रय के 10 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां पारंपरिक शिल्पकला का प्रदर्शन होगा।
इसके अलावा ‘एक जिला एक उत्पाद’ के अंतर्गत अशोकनगर जिले के उत्पादों के स्टॉल और पारंपरिक व्यंजनों का उत्सव भी आयोजित किया जाएगा।
इस तरह बैजू बावरा समारोह चंदेरी में संगीत, कला, शिल्प और संस्कृति के संगम के रूप में आयोजित किया जा रहा है।






