कांग्रेस की नीतियों के कारण बसपा का गठन करना पड़ा: मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की नीतियों के कारण ही कांशीराम को बसपा का गठन करना पड़ा।
मायावती ने कहा कि यदि कांग्रेस बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के मिशन के प्रति समर्पित होकर संविधान के समतामूलक और कल्याणकारी उद्देश्यों को जमीन पर उतारती, तो अलग राजनीतिक दल बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
आंबेडकर को भारत रत्न देने में देरी का आरोप
मायावती ने कहा कि केंद्र में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने डॉ. भीमराव आंबेडकर को समय पर भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांशीराम के निधन पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया, जबकि राज्य की सपा सरकार ने भी एक दिन का राजकीय शोक घोषित नहीं किया।
संस्थानों के नाम बदलने पर भी सवाल
बसपा प्रमुख ने कहा कि महापुरुषों के नाम पर बने कई शिक्षण और मेडिकल संस्थानों तथा जिलों के नाम भी बदले गए। उन्होंने पदोन्नति में आरक्षण जारी रखने से जुड़े विधेयक को संसद में फाड़े जाने का भी जिक्र करते हुए कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए।
बसपा को कमजोर करने की कोशिश
मायावती ने आरोप लगाया कि अन्य राजनीतिक दल दलित समाज के नाम पर बने संगठनों और पार्टियों के जरिए बसपा को कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये दल अक्सर महापुरुषों के नाम का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करते हैं।
कार्यकर्ताओं से एकता बनाए रखने की अपील
बसपा प्रमुख ने बहुजन समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी की बात सुनें, लेकिन अपनी एकता और वोट की ताकत को किसी भी हाल में वोट के सौदागरों के हाथ में न जाने दें।
मायावती ने कहा कि यही डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के संघर्षों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कांशीराम जयंती कार्यक्रम सफल बनाने की अपील
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से 15 मार्च को कांशीराम की जयंती पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील भी की।






