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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बेलूर मठ और दक्षिणेश्वर मंदिर पहुंचे, बोले – हिंसामुक्त और शांतिपूर्ण चुनाव कराना आयोग की प्राथमिकता

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मंगलवार सुबह बेलूर मठ और दक्षिणेश्वर स्थित भवतारिणी मंदिर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राज्य में हिंसामुक्त और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बेलूर मठ में पूजा और संतों से मुलाकात

तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर आए ज्ञानेश कुमार मंगलवार सुबह करीब सात बजे बेलूर मठ पहुंचे। वहां उन्होंने मुख्य मंदिर में पूजा-अर्चना की और मठ के अध्यक्ष स्वामी गौतमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।

मुख्य चुनाव आयुक्त लगभग 45 मिनट तक मठ परिसर में रहे और आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया।

शांतिपूर्ण चुनाव कराने का भरोसा

मठ से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण और हिंसामुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है

दक्षिणेश्वर मंदिर में भी किए दर्शन

बेलूर मठ से निकलने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त दक्षिणेश्वर स्थित भवतारिणी मंदिर भी पहुंचे और मां काली के दर्शन किए। इस दौरान उनके काफिले को काले झंडे दिखाए जाने का आरोप भी सामने आया है।

राजनीतिक दलों और अधिकारियों के साथ बैठक

इससे पहले सोमवार को ज्ञानेश कुमार ने राज्य के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों को लेकर बैठक की थी। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की गई।

बैठक के बाद चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ ने माना कि कुछ स्थानों पर चुनौतियां हो सकती हैं, लेकिन राज्य में विधानसभा चुनाव कराने के लिए अनुकूल वातावरण मौजूद है

तृणमूल कांग्रेस महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी में

इसी बीच तृणमूल कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त एक संवैधानिक पद होता है और ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर तृणमूल कांग्रेस के कुल 41 सांसद हैं, इसलिए पार्टी को इस प्रस्ताव के लिए अन्य दलों के सांसदों का समर्थन जुटाना होगा।

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