पश्चिम एशिया में जंग का आठवां दिन: अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच हवाई हमले तेज

पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष का आज आठवां दिन है और क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच हवाई और ड्रोन हमले जारी हैं, जिससे हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल को 15 करोड़ डॉलर से अधिक के हथियार बेचने की मंजूरी दे दी है। इसे क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच एक बड़ा सैन्य कदम माना जा रहा है।
तेहरान में फिर हवाई हमले
आज तड़के ईरान की राजधानी तेहरान पर एक बार फिर हवाई हमले किए गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मेहराबाद हवाईअड्डे के पास आग की लपटें और धुएं के गुबार दिखाई दे रहे हैं। शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी कई विस्फोटों की खबर है।
इज़राइली सेना ने पहले ही तेहरान पर हमले की चेतावनी जारी की थी।
ईरान का दावा – 1300 से ज्यादा लोगों की मौत
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर सईद इरवानी ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमलों में अब तक 1,332 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि असैन्य ठिकानों को भी जानबूझकर निशाना बनाया गया।
ईरान का कहना है कि वह आत्मरक्षा के तहत जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।
अमेरिकी सैन्य अभियान तेज
अमेरिकी सेंट्रल कमान ने पुष्टि की है कि पिछले सप्ताह ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” के तहत ईरान में 3,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं और आगे इससे भी बड़े सैन्य अभियान चलाए जा सकते हैं।
समर्पण की मांग पर ईरान का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होगा और उसे बिना शर्त समर्पण करना होगा।
हालांकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका की यह मांग केवल “ख्वाब” है और ईरान समर्पण नहीं करेगा।
रूस ने कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया
इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की और संघर्ष के कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया।
लेबनान और खाड़ी देशों में भी तनाव
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, पूर्वी लेबनान में हिजबुल्ला के गढ़ नबी चिट के पास स्थानीय लड़ाकों और इज़राइली बलों के बीच झड़प हुई।
उधर सऊदी अरब ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह स्थिति को और खराब करने की कोशिश न करे। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले को नाकाम कर दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है।






