काठमांडू सहित पहाड़ी जिलों में सादगी से होली, सार्वजनिक कार्यक्रमों पर प्रशासन की रोक

Holi in Kathmandu के साथ नेपाल के पहाड़ी और हिमाली जिलों में आज रंगों का पर्व मनाया जा रहा है। फाल्गुण शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर सरकार ने पहाड़ी जिलों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। हालांकि इस वर्ष उत्सव का रंग कुछ फीका नजर आ रहा है, क्योंकि प्रशासन ने कई प्रतिबंध लागू किए हैं।

नेपाल में परंपरा के अनुसार पहाड़ी और हिमाली क्षेत्रों में होली पूर्णिमा के दिन तथा तराई और भीतरी मधेश में अगले दिन मनाई जाती है। लेकिन 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन को देखते हुए प्रशासन ने सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के आयोजन पर रोक लगा दी है।

काठमांडू में सार्वजनिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध

Kathmandu District Administration Office ने सार्वजनिक स्थानों और खुली सड़कों पर एकत्र होकर होली खेलने पर प्रतिबंध लगाया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

निर्देश में कहा गया है कि किसी की इच्छा के विरुद्ध रंग या पानी फेंकना, जबरन रंग लगाना, मादक पदार्थों का सेवन कर सार्वजनिक मर्यादा भंग करना या हो-हल्ला करना दंडनीय होगा।

चुनाव को देखते हुए सख्ती

काठमांडू के प्रमुख जिला अधिकारी Chhavi Lal Rijal ने बताया कि होली के अवसर पर किसी भी असामाजिक गतिविधि को रोकने और चुनावी माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

चुनाव को ध्यान में रखते हुए देशभर में होली से दो दिन पहले ही शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न या उम्मीदवारों की तस्वीर वाले वस्त्र पहनकर होली खेलने पर भी रोक लगाई गई है।

घरों में सादगी से मनाने की अपील

प्रशासन ने होटलों, रिसॉर्ट और अन्य आयोजकों को सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित न करने का निर्देश दिया है। लोगों से इस बार अपने घरों में सादगी और मर्यादा के साथ Nepal Holi celebration मनाने की अपील की गई है।

हालांकि रंगों का उत्साह कायम है, लेकिन Public gathering ban और चुनावी तैयारियों के कारण इस बार काठमांडू और पहाड़ी जिलों में होली अपेक्षाकृत शांत माहौल में मनाई जा रही है।

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