नेपाल में संसदीय चुनाव से पहले आरपीपी ने केपी ओली से गठबंधन से किया इनकार

नेपाल में 5 मार्च को होने वाले Nepal Parliamentary Elections 2026 से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के अध्यक्ष राजेन्द्र लिंगदेन ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ चुनावी गठबंधन से साफ इनकार कर दिया है।
गठबंधन को बताया ‘राजनीतिक भूल’
झापा-3 से प्रतिनिधि सभा चुनाव लड़ रहे लिंगदेन ने कहा कि ओली के साथ गठबंधन करना राजनीतिक भूल होगी। उन्होंने दावा किया कि झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से ओली को पिछले तीन चुनावों में आरपीपी के समर्थन का लाभ मिला है।
लिंगदेन के अनुसार, जब पहली संविधान सभा चुनाव में ओली को आरपीपी का समर्थन नहीं मिला था, तब वे पराजित हुए थे। इसके बाद दूसरे संविधान सभा चुनाव और 2017 व 2022 के प्रतिनिधि सभा चुनाव में आरपीपी के समर्थन से ही वे जीत हासिल करते रहे।
झापा-5 में सीधी टक्कर
आरपीपी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार झापा-5 में किसी भी प्रकार का गठबंधन या तालमेल नहीं होगा और पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
गौरतलब है कि केपी ओली नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के प्रमुख नेता हैं। आरपीपी के गठबंधन से इनकार के बाद झापा-5 में उनका मुकाबला और कड़ा हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओली का अपने निर्वाचन क्षेत्र में अधिक समय बिताना इस सीट को लेकर उनकी चिंता को दर्शाता है।
नेपाल की राजनीति में यह घटनाक्रम चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और आने वाले दिनों में गठबंधनों की रणनीति पर इसका असर देखने को मिल सकता है।






