बजट 2026-27 में महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण को ऐतिहासिक बढ़ावा, महिला-बाल विकास बजट में 26% वृद्धि

इंदौर, 18 फरवरी 2026
डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग को ऐतिहासिक प्राथमिकता देते हुए 26 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि यह वृद्धि केवल बजट का विस्तार नहीं, बल्कि प्रदेश की माताओं, बहनों और बच्चों के जीवन में ठोस बदलाव का संकल्प है।
लाड़ली बहना योजना को सबसे बड़ा प्रावधान
सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के अंतर्गत ₹23,883 करोड़ का प्रावधान किया है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आंगनवाड़ी और बेटियों की योजनाओं पर फोकस
आंगनवाड़ी सेवाएं (सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0): ₹3,863 करोड़
लाड़ली लक्ष्मी योजना: ₹1,801 करोड़
इन प्रावधानों से बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और पोषण को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।
कुपोषण उन्मूलन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य
राज्य सरकार ने पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए:
विशेष पोषण आहार योजना: ₹1,150 करोड़
पोषण अभियान (NNM): ₹250 करोड़
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY): ₹387 करोड़
का प्रावधान किया है, जिससे गर्भवती और धात्री माताओं को बेहतर सहायता मिलेगी।
बुनियादी ढांचे और बाल संरक्षण पर जोर
आंगनवाड़ी भवन निर्माण: ₹337 करोड़
महिला एवं बाल कल्याण संचालनालय: ₹561 करोड़
नॉन-इंस्टीट्यूशनल केयर (फॉस्टर व स्पॉन्सरशिप): ₹168 करोड़
समेकित बाल संरक्षण योजना (ICPS) – मिशन वात्सल्य: ₹115 करोड़
समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम
मंत्री ने कहा कि यह बजट महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा, बाल संरक्षण और सामाजिक न्याय को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने का मजबूत प्रयास है।
26 प्रतिशत की बजट वृद्धि से स्पष्ट है कि राज्य सरकार महिला और बाल विकास को नीति-निर्माण के केंद्र में रखकर भविष्य की पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पूरा बजट दस्तावेज़:
👉 Budget 2026-27-PC (1)






