महाशिवरात्रि पूर्व वाराणसी के केदार घाट पर स्वच्छता अभियान, गौरी केदारेश्वर की आरती संग दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

महाशिवरात्रि के एक दिन पूर्व शनिवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित केदारघाट पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रकृति संरक्षण के लिए शिव संदेश भी दिया गया।
Namami Gange Programme से जुड़े सदस्यों ने घाट पर सफाई अभियान चलाया और इसके पश्चात गौरी केदारेश्वर में आरती उतारकर भारत की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
अभियान के तहत कार्यकर्ताओं ने केदार घाट पर स्थित शिव कचहरी और आसपास के घाटों की सफाई की। गंगा किनारे पड़े कूड़े-कचरे को एकत्रित कर उचित स्थान तक पहुंचाया गया। श्रमदान के बाद वहां मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों को गंगा एवं घाटों को स्वच्छ रखने की शपथ भी दिलाई गई।
अभियान का नेतृत्व कर रहे गंगा सेवक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि भगवान शिव को ब्रह्मांड का सबसे बड़ा पर्यावरणविद माना जाता है। महाशिवरात्रि केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का संदेश भी देता है। उन्होंने बताया कि पंचतत्व—पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश—से शिव का गहरा संबंध है, जो हमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराता है।
उन्होंने कहा कि गंगा जल का संरक्षण और पार्थिव शिवलिंग की पूजा जैसी परंपराएं प्रकृति के सम्मान और संरक्षण का प्रतीक हैं। इस प्रकार शिव की उपासना हमें पर्यावरण के लिए छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाने की प्रेरणा देती है।
आयोजन में आयुष गुप्ता, सुषमा गुप्ता, ऋषिका सिंह और तरक्ष सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित यह अभियान धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का एक प्रेरक उदाहरण बना।






