हिमाचल में बर्फबारी के बाद मौसम साफ, पहाड़ों में कड़ाके की ठंड और निचले इलाकों में घने कोहरे की मार

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और कुछ स्थानों पर हुई बारिश के बाद अब मौसम साफ हो गया है। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों शिमला और मनाली सहित कई हिस्सों में बुधवार सुबह से तेज धूप खिली रही। वहीं जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति और किन्नौर में भी मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है।
हालांकि मौसम साफ होने के बावजूद ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। किन्नौर के कल्पा में तापमान माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जहां 10.8 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। कुफरी में भी हल्की बर्फबारी हुई है।
अन्य प्रमुख स्थानों पर शिमला में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री, मनाली में माइनस 0.5 डिग्री, धर्मशाला में 4.6 डिग्री, सोलन में 2.0 डिग्री, मंडी में 5.5 डिग्री और पालमपुर में 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राज्य के निचले और मैदानी इलाकों में ठंड के साथ-साथ घना कोहरा लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। बिलासपुर में सुबह के समय दृश्यता घटकर मात्र 30 मीटर तक रह गई, जबकि सुंदरनगर में यह लगभग 100 मीटर और मंडी में करीब 200 मीटर रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक निचले और मैदानी इलाकों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 4 और 5 फरवरी को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने का अनुमान है, लेकिन ठंड से राहत नहीं मिलेगी। 6 फरवरी को ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि 9 और 10 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पूरे प्रदेश में व्यापक बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी के पहले पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता के चलते हिमाचल प्रदेश में मौसम बार-बार बदल सकता है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड और मैदानी इलाकों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।






