कमोडिटी महंगी होने से मारुति सुजुकी कारों के दाम बढ़ा सकती है, कंपनी ने दिए संकेत

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बढ़ती कमोडिटी (जिंस) कीमतों के चलते अपने वाहनों के दाम बढ़ाने के संकेत दिए हैं। कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने कहा कि कच्चे माल की लागत में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए कीमतों की समीक्षा की जाएगी।

सोमवार को आयोजित एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्थो बनर्जी ने बताया कि जीएसटी दरों में कटौती के बाद बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। इसके बावजूद उत्पादन संबंधी बाधाओं के कारण कंपनी के पास फिलहाल करीब 1.75 लाख वाहनों के लंबित ऑर्डर हैं। उन्होंने बताया कि केवल जनवरी महीने में ही कंपनी को 2.78 लाख बुकिंग मिली हैं।

कमोडिटी कीमतों पर बात करते हुए बनर्जी ने कहा कि कीमती धातुओं समेत कई जिंसों की लागत में तेज़ी देखी जा रही है। भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कंपनी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी की प्राथमिकता ग्राहकों पर लागत का बोझ कम से कम डालने की रहती है, लेकिन एक सीमा के बाद कीमतों में बढ़ोतरी अपरिहार्य हो सकती है।

उन्होंने बताया कि जिन ग्राहकों को बुकिंग के बावजूद समय पर वाहन नहीं मिल पाए हैं, उनके लिए कंपनी ने जनवरी में ‘प्राइस प्रोटेक्शन स्कीम’ शुरू की है। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे पर पूंजीगत व्यय बढ़ाने की घोषणा मोटर वाहन उद्योग के लिए सकारात्मक साबित होगी।

बिक्री के मोर्चे पर मारुति सुजुकी ने जनवरी में अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री 2,36,963 इकाई दर्ज की है। वहीं निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते हुए 51,020 इकाई रहा। कंपनी की नई एसयूवी ‘विक्टोरिस’ ने महज पांच महीनों में 50,000 यूनिट बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है।

उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर बनर्जी ने बताया कि हरियाणा के खरखौदा संयंत्र का संचालन अप्रैल 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद गुजरात संयंत्र में चौथी उत्पादन लाइन शुरू की जाएगी, जिससे सालाना करीब 5 लाख वाहनों की अतिरिक्त क्षमता जुड़ सकेगी। वहीं कंपनी की इलेक्ट्रिक एसयूवी ‘ई-विटारा’ के इस महीने बाजार में उतरने की भी पुष्टि की गई है।

कुल मिलाकर, बढ़ती कमोडिटी कीमतों और मजबूत मांग के बीच आने वाले समय में मारुति सुजुकी के वाहनों के दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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