उत्तराखंड में बारिश से ठिठुरन बढ़ी, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलने से ठंड में इजाफा हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई जनपदों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की है। विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम की चेतावनी के मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि खराब मौसम की स्थिति में सभी कार्यदायी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। विशेष रूप से पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, पेयजल, पशुपालन और नगर निकाय विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि दूरस्थ और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के लिए पूर्व से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को समय रहते नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने और एंबुलेंस सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बर्फबारी से मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका को देखते हुए संवेदनशील और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जेसीबी, स्नो कटर और अन्य मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही पाला प्रभावित इलाकों में फिसलन से दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के लिए नमक और चूने के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों और अधिक ठंड प्रभावित इलाकों में रैनबसेरों में बिजली, पेयजल, हीटर, बिस्तर और गर्म पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत मिल सके।





