भगवान स्वामीनारायण का जीवन आध्यात्मिक साधना और निस्वार्थ सेवा का उदाहरण: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भगवान स्वामीनारायण का जीवन आध्यात्मिक साधना और निस्वार्थ सेवा का साक्षात उदाहरण था। उन्होंने यह विचार आज शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र के दौरान व्यक्त किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भगवान स्वामीनारायण के अनुयायी समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा में लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाओं, किसानों के कल्याण के लिए उठाए गए कदम और जल संरक्षण संबंधी पहलों की सराहना की।
मोदी ने कहा, “जब हम संतों और भक्तों को समाज सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निरंतर विस्तार करते देखते हैं, तो यह वास्तव में प्रेरणादायक है। उनकी निस्वार्थ सेवा और जीवन दर्शन आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक हैं।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भगवान स्वामीनारायण ने अपने जीवन प्रसंगों और लोकशिक्षा के माध्यम से सरल शब्दों में जीवन और समाज का अनमोल मार्गदर्शन दिया। उनका जीवन केवल साधना तक सीमित नहीं था, बल्कि सेवा और समाज के कल्याण में भी समर्पित था।
शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और प्रबुद्ध संगठनों के सहयोग से भारतीय ज्ञान और पहचान को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि भगवान स्वामीनारायण का आशीर्वाद भारत की विकास यात्रा और समाज सेवा के प्रयासों को निरंतर मिलता रहेगा।






