नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत, पांच बिल्डरों के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज

सेक्टर 150 में बेसमेंट बनाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में थाना नॉलेज पार्क की पुलिस ने बीती रात पांच बिल्डरों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की।

पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी विजय कुमार गौतम ने बताया कि उपनिरीक्षक रीगल कुमार ने जांच के दौरान पाया कि सड़क के पास खोदा गया गड्ढा वर्षों से पानी से भरा था। पानी की गंदगी और कीचड़ के कारण जल प्रदूषण फैल रहा था, और आसपास रहने वालों के लिए स्वास्थ्य व सुरक्षा खतरा उत्पन्न हो रहा था।

पुलिस ने बताया कि गड्ढे के चारों ओर कोई सुरक्षा प्रबंध या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि भूखंड को पहले लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने आवंटित किया था और बाद में विजटाउन ने खरीदा, लेकिन लोटस ग्रीन में अब भी कुछ शेयरशोल्डर जुड़े हैं।

पुलिस ने बिल्डरों निर्मल सिंह, अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार और अचल बोहरा के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल प्रदूषण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। इस बीच, बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य फरार हैं।

पूर्व में मृतक के पिता द्वारा भी बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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