2014 से 2025 के बीच भारत की विद्युत उत्पादन क्षमता दोगुने से अधिक हुई: ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि भारत की विद्युत स्थापन उत्पादन क्षमता वर्ष 2014 में 249 गीगावाट से बढ़कर वर्ष 2025 में 510 गीगावाट से अधिक हो गई है, जो एक दशक से भी कम समय में दोगुने से ज्यादा की ऐतिहासिक वृद्धि दर्शाती है।
नई दिल्ली में आयोजित भारत विद्युत सम्मेलन–2026 के पूर्वालोकन कार्यक्रम में बोलते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि भारत अब विद्युत आधिक्य (Power Surplus) के नए युग में प्रवेश कर चुका है, जिसकी पहचान विश्वसनीयता, सुलभता और अनुकूलता से होती है।
🌍 दुनिया में भारत की ऊर्जा स्थिति मजबूत
मनोहर लाल ने कहा कि भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा बिजली उत्पादक और उपभोक्ता देश बन चुका है। यह उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में किए गए संरचनात्मक सुधारों, बड़े निवेश और नीतिगत समर्थन का परिणाम है।
स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि देश की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता वर्ष 2014 में जहां 32 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2025 में यह बढ़कर 52 प्रतिशत हो गई है। यह भारत की हरित ऊर्जा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
🔌 भारत विद्युत सम्मेलन–2026
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि भारत विद्युत सम्मेलन–2026 का आयोजन 19 से 22 मार्च तक नई दिल्ली में किया जाएगा। चार दिन तक चलने वाले इस वैश्विक सम्मेलन में नीति निर्माता, उद्योग जगत के नेता, निवेशक और ऊर्जा विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन में विद्युत मूल्य श्रृंखला से जुड़े सभी प्रमुख पहलुओं — उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, भंडारण और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण — पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
🔮 सतत विद्युत भविष्य की दिशा में कदम
मनोहर लाल ने कहा कि यह सम्मेलन भारत की विद्युत क्षमताओं को वैश्विक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए देश के सतत और सुरक्षित ऊर्जा भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






