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तीन नए आपराधिक कानूनों से जांच होगी तेज, दोषसिद्धि दर बढ़ेगी: गृह मंत्री अमित शाह

श्री विजयपुरम (अंडमान-निकोबार): गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि देश में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानून वर्ष 2029 तक सत्र न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह बात अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्री विजयपुरम में गृह मंत्रालय की संसदीय परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

गृह मंत्री ने कहा कि नए कानूनों के लागू होने से जांच प्रक्रिया में तेजी आई है और इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप दोषसिद्धि दर में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने वर्ष 2019 से अब तक संसदीय परामर्श समिति की 12 बैठकें आयोजित की हैं, जिनके परिणाम उत्साहजनक रहे हैं।

अमित शाह ने फोरेंसिक ढांचे को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2021 में देश में एक भी मोबाइल फोरेंसिक लैब नहीं थी, जबकि आज इनकी संख्या बढ़कर एक हजार हो चुकी है। यह आपराधिक जांच प्रणाली में तकनीकी सशक्तिकरण का स्पष्ट संकेत है।

उन्होंने बताया कि आने वाले पांच वर्षों में देशभर में फोरेंसिक प्रयोगशालाओं का व्यापक नेटवर्क स्थापित करने के लिए लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक हर राज्य में एक फोरेंसिक विश्वविद्यालय या केंद्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला उपलब्ध हो, जिससे न्याय व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बन सके।

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