यूएन के कई संगठनों से अमेरिका के अलग होने पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जताया खेद

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र के कई संगठनों से अमेरिका के अलग होने के फैसले पर गहरा खेद व्यक्त किया है। यह प्रतिक्रिया अमेरिका द्वारा अंतरराष्ट्रीय संगठनों से दूरी बनाने के निर्णय के बाद सामने आई है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने इस संबंध में कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अंतर्गत सभी सदस्य देशों पर संगठन के बजट को वित्त पोषित करने का कानूनी दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जिम्मेदारी सदस्यता के मूल सिद्धांतों में शामिल है।
🌐 संयुक्त राष्ट्र अपने जनादेशों पर कायम रहेगा
महासचिव गुटेरेस ने कहा कि अमेरिका के फैसले के बावजूद संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न संगठन सदस्य देशों द्वारा सौंपे गए जनादेशों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करना जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बहुपक्षीय सहयोग आज के वैश्विक परिदृश्य में पहले से कहीं अधिक आवश्यक है।
🇺🇸 ट्रम्प प्रशासन का बड़ा फैसला
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अमेरिका
संयुक्त राष्ट्र के 31 निकायों,
कुल 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संधियों
से अलग होने जा रहा है। ट्रम्प प्रशासन ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा को प्रमुख कारण बताया है।
⚖️ वैश्विक स्तर पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस फैसले से
बहुपक्षीय कूटनीति,
अंतरराष्ट्रीय सहयोग,
वैश्विक मानवीय और विकासात्मक प्रयास
पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि संस्था वैश्विक शांति, विकास और मानवाधिकारों के अपने मिशन से पीछे नहीं हटेगी।






