प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में वोकल फॉर लोकल, स्वदेशी उत्सव और युवाओं के प्रेरक उदाहरणों पर दिया जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित मन की बात कार्यक्रम के 126वें एपिसोड में देशवासियों से त्यौहारों के दौरान वोकल फॉर लोकल मंत्र को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद से न केवल परिवार में खुशी आएगी, बल्कि कारीगरों और युवा उद्यमियों के सपनों को भी बल मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने नवरात्रि, विजयादशमी और छठ पूजा जैसे पर्वों की चर्चा करते हुए इन्हें संस्कृति, शक्ति और एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार छठ महापर्व को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने का प्रयास कर रही है।

अपने संबोधन में श्री मोदी ने शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और युवाओं के लिए उनके जीवन को प्रेरणा बताया। साथ ही, उन्होंने नौसेना की दो महिला अधिकारियों – लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और रूपा – की विश्व परिक्रमा जैसी ऐतिहासिक उपलब्धि का उल्लेख कर बेटियों की शक्ति और साहस को सराहा।

प्रधानमंत्री ने युवाओं और उद्यमियों के उदाहरण दिए जिनमें तमिलनाडु का याज़ नेचुरल्स, झारखंड का जोहारग्राम ब्रांड और बिहार की मधुबनी पेंटिंग से जुड़ी पहल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि परंपरा और नवाचार के मेल से आत्मनिर्भर भारत की राह मजबूत होगी।

श्री मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी, महर्षि वाल्मीकि जयंती, और महात्मा गांधी की खादी परंपरा का उल्लेख करते हुए लोगों से 2 अक्तूबर को खादी उत्पाद खरीदने और #VocalForLocal अभियान को साझा करने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दीपावली सहित आगामी त्यौहारों की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि स्वदेशी को अपनाकर ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।

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