कर्नाटक के लक्कुंडी में प्राचीन खजाने का खुलासा, शिवलिंग और बहुमूल्य कलाकृतियां मिलीं

कर्नाटक के गदग जिले के ऐतिहासिक लक्कुंडी गांव (Lakkundi Village, Gadag) में चल रहे उत्खनन कार्य ने इतिहास और संस्कृति के नए रहस्यों का पर्दाफाश किया है। गांव के एक मकान की नींव खोदते समय प्राचीन निधि मिलने की सूचना पर बीते तीन दिनों से उत्खनन तेजी से जारी है।
🏺 उत्खनन में मिले अवशेष
कोटे वीरभद्रेश्वर मंदिर के पास निजी संस्थान के विद्यालय के नीचे जेसीबी से खोदी गई मिट्टी में प्राचीन किलेबंदी की दीवार सामने आई।
उत्खनन के दौरान शिवलिंग और नाग आकृति युक्त शिवलिंग के अवशेष मिले।
प्राचीन कुल्हाड़ी जैसी वस्तु लगभग तीन फीट की गहराई में पाई गई।
बहुमूल्य सिक्के, मूंगा, नीलम, पन्ना, मोती और स्फटिक जैसी कलाकृतियां प्राप्त हुईं।
🏛️ ऐतिहासिक महत्व
इतिहासकारों के अनुसार, लक्कुंडी चालुक्य, होयसल और विजयनगर काल में एक प्रमुख सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र था। उत्खनन स्थल पर प्राचीन सिक्कों की खोज ने क्षेत्र की पहले व्यापक समृद्धि की पुष्टि की।
लक्कुंडी में 101 मंदिर और 101 बावड़ियां होने की मान्यता है, जो इसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है।
🔍 पुरातत्व विभाग और निरीक्षण
इस उत्खनन स्थल का निरीक्षण कर्नाटक पुरातत्व विभाग के आयुक्त ए. देवराजु, निदेशक शेजेश्वर और जिलाधिकारी सी.एन. श्रीधर ने किया। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि चार से पांच फीट की गहराई में और भी महत्वपूर्ण अवशेष मिलने की संभावना है।
🐍 रहस्य और मान्यताएं
उत्खनन के दौरान किले की दीवार के पास विशाल नाग दिखने से श्रमिकों में भय का माहौल बन गया। हालांकि, अमावस्या के दिन नाग के दर्शन होने से गांव में प्रचलित मान्यता को बल मिला कि जहां निधि होती है, वहां नाग का वास होता है।
पुरातत्वविदों का कहना है कि लक्कुंडी में जारी उत्खनन कार्य भारत की कला, संस्कृति और इतिहास की समृद्ध परंपरा को दुनिया के सामने ला रहा है।






