ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन 14वें दिन भी जारी, हिंसा में मृतकों की संख्या 200 के पार

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन 14वें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। देशभर में जारी हिंसा के दौरान मरने वालों की संख्या 200 से अधिक हो गई है, जबकि करीब 2,600 से 3,300 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे वास्तविक आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
⚠️ ईरानी संसद अध्यक्ष की चेतावनी
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो ईरान अमेरिकी सेना और इस्राइल को निशाना बनाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
🇺🇸 ट्रंप की धमकी, खामेनेई का पलटवार
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाया, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिकी प्रशासन की साजिश होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए काम कर रहे हैं।
🌍 यूरोप में भी समर्थन प्रदर्शन
ईरान में हो रहे दमन के खिलाफ कई यूरोपीय शहरों में रैलियां निकाली गईं, जहां प्रदर्शनकारियों ने ईरानी जनता के साथ एकजुटता जताई। यह स्थिति वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है, जिस पर भारत समेत दुनिया के कई देश नजर बनाए हुए हैं।
🕊️ राष्ट्रपति पेजेश्कियान का सुलह का संकेत
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने आज देश की जर्जर अर्थव्यवस्था में आमूलचूल बदलाव का संकल्प जताते हुए सुलह का रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लोगों की बात सुनने और आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए तैयार है।
हालांकि, उन्होंने भी अमेरिका और इस्राइल पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया।
📉 आर्थिक संकट बना विरोध का कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्षों से चले आ रहे आर्थिक दबाव के बाद दिसंबर के अंत में ईरानी मुद्रा में भारी गिरावट आई, जिससे महंगाई और मुद्रास्फीति बेकाबू हो गई। इसी के बाद देशभर में जनआक्रोश फूट पड़ा, जो अब सरकार विरोधी आंदोलन का रूप ले चुका है।






