अनूपपुर: निःशक्त महिला से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा, ₹5,000 का जुर्माना

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में निःशक्त महिला से दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नरेन्द्र पटेल की अदालत ने थाना चचाई क्षेत्र के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

⚖️ IPC की धारा 376(2)(एल) में दोषसिद्ध

न्यायालय ने आरोपी राजू कुशवाहा (34 वर्ष) निवासी अमलाई को भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 376(2)(एल) के तहत दोषी पाया। आरोपी पहले से ही जिला जेल अनूपपुर में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध था। इस मामले में शासन की ओर से लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने प्रभावी पैरवी की।

🚨 2023 में दर्ज हुआ था मामला

लोक अभियोजक मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 जून 2023 को पीड़िता—जो अमलाई क्षेत्र में मांगकर जीवनयापन करने वाली गरीब महिला है—ने थाना चचाई में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता को आंखों से कम दिखाई देता है और वह निःशक्त है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

🔍 जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया

पुलिस ने मामले में धारा 376 और 376(2)(एल) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए गए और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। विवेचना पूर्ण होने के बाद अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

⚖️ साक्ष्यों के आधार पर सजा

सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक द्वारा गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। बहस के बाद न्यायालय ने मामले की गंभीरता और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दोषसिद्ध मानते हुए सख्त सजा सुनाई।

🛑 न्याय की मिसाल

यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देता है कि निःशक्त और कमजोर वर्ग के खिलाफ अपराधों पर कानून बेहद सख्त है

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