नवरात्रि में संत और शासक दोनों रूपों में दिखे योगी आदित्यनाथ, सनातन के ध्वजवाहक के रूप में उभरी छवि

चैत्र नवरात्रि के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की छवि एक बार फिर बहुआयामी रूप में सामने आई है। इस दौरान वे एक ओर जनता को समर्पित राजनेता के रूप में दिखे, तो दूसरी ओर सनातन धर्म के ध्वजवाहक संत के रूप में भी सक्रिय रहे।
🙏 शक्तिपीठों में दर्शन और पूजा
नवरात्रि के दौरान मुख्यमंत्री ने कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
- Ram Janmabhoomi में प्रथमा तिथि पर पूजन
- सप्तमी पर देवीपाटन स्थित मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन
- अष्टमी पर गोरखनाथ मंदिर में हवन-पूजन
- नवमी पर कन्या पूजन और श्रीरामलला प्राकट्योत्सव में सहभागिता
🕉️ शिव, राम और कृष्ण की धरा पर भी पहुंचे
मार्च माह में मुख्यमंत्री ने
- Kashi Vishwanath Temple
- Krishna Janmabhoomi
- अयोध्या धाम
जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर पहुंचकर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
🧑🤝🧑 ‘नर सेवा-नारायण सेवा’ पर फोकस
आध्यात्मिक यात्राओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने जनसेवा को भी प्राथमिकता दी।
- जनता दर्शन के माध्यम से लोगों की समस्याएं सुनीं
- महिला सशक्तिकरण, खिलाड़ियों और किसानों के लिए योजनाएं लागू कीं
- विभिन्न जिलों में विकास कार्यों की सौगात दी
📱 युवाओं को दी खास सीख
Yogi Adityanath ने युवाओं को
- स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से बचने
- नशे से दूर रहने
- असफलता को सफलता में बदलने
की प्रेरणा दी।
🚩 सनातन की ध्वजा बुलंद रखने का संदेश
उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में सनातन संस्कृति की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि इसकी मर्यादा अमर है और इसे कभी झुकने नहीं दिया जाएगा।






