यौन शोषण के केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी: महिला पहलवानों लगाया थे आरोप; 127 सुनवाई के बाद कोर्ट का फैसला

नई दिल्ली। महिला पहलवानों ने लगाए थे यौन शोषण के आरोप। भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। कोर्ट ने पूर्व सचिव विनोद तोमर को भी आरोपों से मुक्त कर दिया। फैसला सुनाए जाने के दौरान दोनों अदालत में मौजूद रहे।
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- “जज ने हमें बाइज्जत बरी किया है। मैंने पहले भी कहा था कि यदि कोई आरोप साबित हो जाएगा तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। आज मेरे लिए खुशी का दिन है।”
बृजभूषण शरण सिंह ने सोशल मीडिया पर “होइहि सोइ जो राम रचि राखा” भी लिखा।
यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था, जब विनेश फोगाट, साक्षी मलिक समेत कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया था। उस समय बृजभूषण भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष थे।
127 सुनवाई के बाद आया फैसला
दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें 2 जुलाई 2026 को पूरी हुई थीं, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने 1133 दिनों तक चली सुनवाई और कुल 127 पेशियों के बाद फैसला सुनाया। बृजभूषण शरण सिंह 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे, जबकि 10 मई 2024 को अदालत ने चार्जशीट के आधार पर आरोप तय कर ट्रायल शुरू किया था।
नाबालिग पहलवान ने वापस ली थी शिकायत
मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी। कुल 6 महिला पहलवानों ने शिकायत की थी। इनमें एक नाबालिग पहलवान ने बाद में अपनी शिकायत वापस लेते हुए अपना बयान बदल दिया था। आरोप तय होने के दौरान बृजभूषण ने अदालत में कहा था कि उनके खिलाफ लगाया गया मामला “झूठा और प्रेरित” है।